India

बुकमायशो की कंपनी के विकास के लिए जज़ील का कारोबार बना तरक्की का ज़रिया

Spread the love

शारिक रजा | लल्लनपोस्ट डॉट कॉम

सफलता को कभी अपने सिर पर न चढ़ने दें और अपनी असफलता को कभी अपने दिल पर न लें।जज़ील के फेसबुक पेज के कवर फोटो पर यही दानिशमंदी भरे शब्द लिखे हैं। 23 वर्षीय यूवा ने मैंगलोर से कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री पूरी की और कुछ करने के जुनून के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ गए । उन्होंने पहली बार 2011 में अपने दोस्त के साथ मिलकार स्टार्टअप सेंटर हैकाथॉन में कामियाब होने में विफल हो गए.। उन्होंने एक एप्लिकेशन बनाने की कोशिश की थी, जिस में एसएमएस सुविधा के साथ शेयर बाजार से संबंधित एक ऐप बनाने का विचार आया था । हालांकि, वह इस असफलता से निराश नहीं हुए। बल्कि वे अपने नए सफर पर निकल पड़े।

एक साल बाद उन्होंने फिर से कोशिश की, और अपने विचार को ज़मीन पर उतारा। उन्होंने इवेंटिफायर बनाया। और इसके द्वारा वह किसी भी प्रोग्राम के सभी संचार का प्रबंधन करते हैं। इससे पहले इंटरनेट पर ऐसा कोई ऑनलाइन पोर्टल नहीं था। इसकी शुरुआत तीन दोस्तों ने की थी। इसे वेबसमिट, आयरलैंड में 7 सबसे रोमांचक सोशल मीडिया स्टार्टअप्स में से एक के रूप में सूचीबद्ध किया गया था। स्टार्टअप को सबसे पहले Accel Partners और Kae Capital द्वारा USD 5,00,000 का फंड दिया गया था।

बाद में फरवरी 2015 में बड़े पैमाने पर मनोरंजन सामग्री देने वाली कम्पनी Bookmyshow ने बैंगलोर स्थित स्टार्टअप इवेंटिफायर से संपर्क किया। क्योंकि मुंबई की कंपनी एंटरटेनमेंट वैल्यू चेन में विस्तार करना चाहती थी। यह सौदा Bookmyshow ने 2 मिलियन डॉलर से अधिक नकद के साथ इवेंटफायर में शामिल होने के लिए दिया । यह कदम नए बाजारों में विस्तार करने वाली अच्छी तरह से इंटरनेट कंपनियों के बीच टिक-इन अधिग्रहण के लिए बढ़ती बढती हुई ताकत को और बढ़ा दिया.

यह भी पढ़ें: कश्मीरी महिलाएं घाटी में बाधाओं को तोड़ कारोबार में बढ़ रही हैं आगे

2012 से मोहम्मद सऊद, नाज़िम जीशान और जज़ील बदूर द्वारा स्थापित, इवेंटिफायर दुनिया भर के सम्मेलनों और कार्यक्रमों से सोशल मीडिया सामग्री के संग्रह का प्रबंधन करता है। शुरुआत में द स्टार्टअप सेंटर, चेन्नई द्वारा रहनुमाई की गई, इसने एक्सेल पार्टनर्स और केई कैपिटल से से फंड भी जुटाई। कंपनी के पीयरसन, यूबीएम टेक, क्लिंटन फाउंडेशन और नासा सहित 1,500 से अधिक ग्राहक हैं।

BookMyShow के संस्थापक और सीईओ आशीष हेमराजानी ने कहा कि इवेंटिफायर सोशल मीडिया की एक बड़ी समस्या को हल करता है, जो आज बिखरा हुआ है लेकिन किसी भी व्यावसायिक आवश्यकता के लिए महत्वपूर्ण है। कंपनियों को हर चीज को जोड़ने की जरूरत है ताकि अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बैठे ग्राहकों तक पहुंचना आसान हो।

जज़ील बहादुर

उन्होंने कहा कि इवेंटिफायर के ब्रांड को बनाए रखने और एक अलग इकाई के रूप में काम करने की उम्मीद है। स्टार्टअप एंड-टू-एंड सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म विकसित करके अपने विकास के अगले चरण की रूपरेखा तैयार करेगा। ब्रांड्स को अपनी पहुंच बढ़ाने में मदद करने के लिए प्लेटफॉर्म एनालिटिक्स, मार्केटिंग का लाभ उठाएगा।

इवेंटफायर के सीईओ फेरी ने कहा यह हमारे लिए आगे बढ़ने का एक शानदार अवसर है। बुक माय शो सोशल मीडिया के जरिए लोगों तक पहुंच रहा है। अब यहीं पर हम आएंगे और उनकी मदद करेंगे।

यह भी पढ़ें: कुपवाड़ा की रजिया का सपना हुआ साकार, मिल रही प्रतिभा को पहचान

हेमराजानी ने कहा कि कंपनी इस तरह के और अधिग्रहण के लिए तैयार है, हालांकि अभी तक कोई समझौता नहीं हुआ है। मार्च 2013 में चेन्नई स्थित ऑनलाइन टिकटिंग पोर्टल टिकटग्रीन को खरीदने के बाद यह सौदा BookMyShow के लिए दूसरा अधिग्रहण है। बुक माय शो ने जून 2014 में फंडिंग में 150 करोड़ रुपये जुटाए, जिससे कंपनी का मूल्यांकन 1,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया। इसके निवेशकों में SAIF Partners, Accel Partners और Network18 Media शामिल हैं, जो अब Reliance Industries की मिलकियत में हैं।

इस तरह के और समझौते हो सकते हैं। जैसा कि सोशल मीडिया और इंटरनेट दिग्गज जैसे फ्लिपकार्ट और स्नैपडील ने पिछले कुछ वर्षों में शानदार प्रदर्शन किया है, अब न्यूशंट, कारदेखो और फ्रीचार्ज जैसी कंपनियां एक नया बेंचमार्क सेट करने पर नजर गड़ाए हुए हैं।

कारोबार पर नजर रखने वालों का कहना है कि सभी डिजिटल कंपनियां, जो पिछले छह महीनों में 30-40 मिलियन डॉलर से अधिक की फंडिंग जुटाने में कामयाब रही हैं, उनकी नजर छोटे अधिग्रहण या एक्वायरर हायर (जहां कंपनियां उनकी टीम के लिए खरीदी जाती हैं) हैं।

केए कैपिटल की संस्थापक साशा मीरचंदानी ने कहा कि बहुत सारे लोग अब सौदे करने को तैयार हैं क्योंकि कारोबार अब लोगों के बीच मुकाबला बढ़ रहा है। ये सौदे कंपनियों को विशेषज्ञ बनने और तेजी से बाजार में आने में मदद करते हैं। आने वाले महीनों और वर्षों में आप इसे और अधिक देखेंगे।

(लेखक राइज इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष हैं और एमएसओ से भी जुड़े हुए हैं)

Related Posts

आखिर कौन हैं कोडिंग मास्टर मुस्कान अग्रवाल? जिन्हें मिला है 60 लाख रूपये सालाना की जॉब का प्रस्ताव।

मुस्कान अग्रवाल भारत की सबसे शानदार महिला कोडर हैं। उनको  लिंक्डइन से सालाना 60

1 of 14

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *