अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के पूर्व छात्र फरहान खान (Farhan Khan AMU) को यूनाइटेड किंगडम का प्रतिष्ठित ग्लोबल टैलेंट वीज़ा (टीयर 1) मिला है। यह सम्मान आर्ट्स काउंसिल, इंग्लैंड द्वारा दिया गया है और इसे पाने वाले लोग अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता के लिए जाने जाते हैं। फरहान को यह सम्मान फाइन आर्ट फोटोग्राफी में उनकी बेहतरीन उपलब्धियों के लिए दिया गया है।
शिक्षा की शुरुआत और प्रेरणा
फरहान की पढ़ाई एएमयू के सैयदना ताहिर सैफुद्दीन स्कूल और सैयद हमीद सीनियर सेकेंडरी स्कूल से हुई। एएमयू में बिताए उनके शुरुआती सालों ने उनके अंदर अनुशासन और रचनात्मकता का विकास किया। इसके बाद उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया (जेएमआई) से आर्किटेक्चर में ग्रेजुएशन किया। यहीं से उन्हें फोटोग्राफी का शौक हुआ। उन्होंने स्टिल फोटोग्राफी और विज़ुअल कम्युनिकेशन में पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा किया और इसमें गोल्ड मेडल जीता।
अंतरराष्ट्रीय पहचान
फरहान ने लंदन के गोल्डस्मिथ्स यूनिवर्सिटी से फोटोग्राफी में मास्टर डिग्री हासिल की। उन्होंने आर्किटेक्चर, रियल एस्टेट, फूड और प्रोडक्ट फोटोग्राफी जैसे क्षेत्रों में कई प्रोजेक्ट्स पर काम किया। फिलहाल, वह फुजीफिल्म हाउस ऑफ फोटोग्राफी, लंदन में फोटोग्राफी स्पेशलिस्ट और ब्रांड एंबेसडर के रूप में काम कर रहे हैं।
प्रमुख उपलब्धियां
फरहान के फोटोग्राफ्स कई देशों में प्रदर्शित किए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- नेक्सस एंड नाउ (2022): लंदन
- इंटरनेशनल आर्ट एग्ज़ीबिशन (2020): बर्लिन, जर्मनी
- पोस्टकार्ड्स टू गांधी (2020): जलवायु परिवर्तन पर कथा, जामिया
- फ्रीडम टू लिव (2019): ब्राजील।
उन्हें हिस्टोरिक फोटोग्राफर ऑफ द ईयर अवार्ड (2020) के लिए टॉप 5 में शॉर्टलिस्ट किया गया और नेशनल फोटोग्राफी कॉम्पिटिशन (2018) में प्रथम पुरस्कार मिला। उनके काम आउटलुक इंडिया, द वीक जूनियर यूके और आउटलुक ट्रैवलर में भी प्रकाशित हुए हैं।
मेंटरशिप
फरहान को फोटोग्राफी सिखाने का भी शौक है। उन्होंने लंदन में 44 से ज्यादा वर्कशॉप्स की हैं और सुर्रियलिज्म और ग्राफिक डिज़ाइन जैसे विषयों पर बातें की हैं। उनकी सिखाने की शैली से कई नए कलाकार प्रेरित होते हैं।















