मुस्लिम यूथ ऑर्गेनाइज़ेशन ऑफ़ इंडिया (MYO) के संयोजक एवं मुस्लिम स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइज़ेशन (MSO) के चेयरमैन डॉ. शुजाअत अली क़ादरी ने कुआलालंपुर, मलेशिया में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय फ़िलिस्तीन कॉन्फ़्रेंस में भाग लिया।
इस अवसर पर डॉ. क़ादरी ने फ़िलिस्तीन के मानवीय संकट, शांति, न्याय और मानवाधिकारों के मुद्दों पर अपने विचार रखे तथा वैश्विक समुदाय से फ़िलिस्तीनी जनता के लिए ठोस मानवीय सहायता और स्थायी समाधान की अपील की। उन्होंने कहा कि फ़िलिस्तीन का प्रश्न केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि मानवता और अंतरराष्ट्रीय नैतिक ज़िम्मेदारी का विषय है।
अपने संबोधन में भारत की साझी संस्कृति, शांति की परंपरा और मानवीय मूल्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत जैसे देशों की नैतिक आवाज़ वैश्विक मंचों पर अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं और सिविल सोसाइटी संगठनों से अपील की कि वे जागरूकता, मानवीय राहत और शांतिपूर्ण कूटनीतिक प्रयासों के माध्यम से फ़िलिस्तीन के पीड़ित लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त करें।
इसी सम्मेलन मे MSO के वाइस चेयरमैन मुदास्सर अशरफी ने भी हिस्सा लिया, उन्होंने अपने संबोधन में विशेष रूप से युवाओं की भूमिका पर ज़ोर देते हुए कहा कि आज की जागरूक और शिक्षित युवा पीढ़ी मानवीय मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय जनमत तैयार करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
उन्होंने कहा कि फ़िलिस्तीन के पक्ष में आवाज़ उठाना केवल राजनीतिक समर्थन नहीं, बल्कि अन्याय के विरुद्ध खड़े होने और मानव गरिमा की रक्षा करने का नैतिक दायित्व है, जिसे दुनिया भर के युवा संगठनों और सामाजिक संस्थाओं को मिलकर निभाना चाहिए।
कॉन्फ़्रेंस में विभिन्न देशों से आए विद्वानों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और मानवाधिकार विशेषज्ञों ने भी भाग लिया और फ़िलिस्तीन में शांति व पुनर्निर्माण के लिए संयुक्त प्रयासों पर ज़ोर दिया।















