नई दिल्ली: सामाजिक सद्भाव और शांति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए पत्रकार असरार अहमद को प्रतिष्ठित अंकित–जुनैद सोशल हार्मोनी अवार्ड से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान खुदाई खिदमतगार संगठन की ओर से प्रदान किया गया, जो खान अब्दुल गफ्फार खान उर्फ फ्रंटियर गांधी की विचारधारा से प्रेरित है और स्वतंत्रता के बाद से अहिंसा, सामाजिक सद्भाव तथा अंतर-धार्मिक एकता के लिए कार्यरत है।
खुदाई खिदमतगार द्वारा यह अवार्ड हाफ़िज़ जुनैद और अंकित सक्सेना की स्मृति में शुरू किया गया था, जो नफरत और हिंसा की घटनाओं का शिकार हुए थे। इस पुरस्कार का उद्देश्य समाज, विशेषकर युवाओं के बीच नफरत के बजाय प्रेम, करुणा और आपसी भाईचारे की भावना को मजबूत करना है।
पत्रकारिता के माध्यम से असरार अहमद लंबे समय से सामाजिक सौहार्द के लिए सक्रिय रहे हैं। वे विभिन्न समुदायों के बीच संवाद और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन करते रहे हैं, युवाओं को अहिंसा और एकता का संदेश देते हैं तथा सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर निरंतर आवाज़ उठाते रहे हैं। उनके इन्हीं प्रयासों को देखते हुए खुदाई खिदमतगार ने उन्हें इस सम्मान के लिए चुना।
अवार्ड ग्रहण करते हुए असरार अहमद ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि उन सभी लोगों का है जो समाज में नफरत के खिलाफ शांति और इंसानियत की आवाज़ बुलंद करते हैं। उन्होंने कहा कि हाफ़िज़ जुनैद और अंकित सक्सेना की स्मृति में मिला यह पुरस्कार उन्हें सामाजिक सद्भाव के लिए और अधिक प्रतिबद्ध होकर काम करने की प्रेरणा देता है।
इस अवसर पर खुदाई खिदमतगार के राष्ट्रीय संयोजक फैसल खान ने कहा कि असरार अहमद जैसे युवा समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं और ऐसे लोग संगठन के उद्देश्यों को मजबूती प्रदान करते हैं।
यह सम्मान दिल्ली के जवाहर भवन में आयोजित एक समारोह में प्रदान किया गया। कार्यक्रम का संचालन खुदाई खिदमतगार के नेता रिज़वान खान ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में अंकित–जुनैद अवार्ड की पृष्ठभूमि, इसकी सोच और वर्तमान समय में सामाजिक सद्भाव की बढ़ती आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।















