राजस्थान के डीडवाना–कुचामन जिले के लाडनूं निवासी, मोहम्मद रियाज के दो मासूम बेटे – 8 महीने के अब्दुल मुतलिफ और 7 साल के रेहान – जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। दोनों बच्चे एक बेहद दुर्लभ और गंभीर बीमारी प्रोग्रेसिव फैमिलियल इंट्राहेपेटिक कोलेस्टेसिस (PFIC) से पीड़ित हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इन मासूमों को बचाने का एक ही रास्ता है – लिवर ट्रांसप्लांट, जो चेन्नई स्थित Rela Institute & Medical Centre में तुरंत होना आवश्यक है।
क्या है यह बीमारी?
PFIC एक जन्मजात बीमारी है, जिसमें लीवर की कोशिकाएं पित्त (bile) को बाहर नहीं निकाल पातीं। पित्त के जमा होने से बच्चों का लीवर धीरे-धीरे खराब होता जाता है। इसके लक्षणों में लगातार पीलिया, असहनीय खुजली, वजन न बढ़ना, कमजोरी और बार-बार इंफेक्शन शामिल हैं। यदि समय रहते इलाज न मिले तो यह बीमारी सिरोसिस और लीवर फेल्योर में बदल जाती है, और बच्चे जिंदगी से हाथ धो बैठते हैं। इस बीमारी का कोई स्थायी इलाज दवाइयों से संभव नहीं है, इसलिए लिवर ट्रांसप्लांट ही एकमात्र विकल्प है।
परिवार की टूटती उम्मीदें
परिवार पहले ही इलाज पर लाखों रुपये खर्च कर चुका है। बच्चों के दादा अब्दुल सलाम ने बताया कि अब वे आर्थिक रूप से पूरी तरह चुक चुके हैं। डॉक्टरों ने दोनों बच्चों के इलाज, ICU, दवाइयों और 3 महीने तक के रहने-खाने का खर्च मिलाकर लगभग ₹75 लाख बताया है। इतनी बड़ी राशि गरीब परिवार के लिए जुटा पाना असंभव है।
परिजन वसीम अकरम ने कहा कि “हमारे बच्चों के पास समय बहुत कम है। अगर लिवर ट्रांसप्लांट तुरंत नहीं हुआ तो हम उन्हें खो देंगे। समाज और इंसानियत पर भरोसा है कि लोग हमारी मदद के लिए आगे आएंगे।”
मदद की गुहार – आइए, बच्चों को जिंदगी दें
यह सिर्फ एक परिवार की लड़ाई नहीं है, बल्कि दो मासूम जिंदगियों को बचाने की मुहिम है। हम सबकी छोटी-सी मदद इन बच्चों के लिए जीवनदान साबित हो सकती है। बच्चों के दादा अब्दुल सलाम ने आमजन से आर्थिक सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि “हमारी छोटी-सी मदद भी इन मासूमों की जिंदगी बचाने में सहारा बन सकती है।”
सहयोग के लिए बैंक विवरण –
Bank Name – Indian Overseas Bank
Account Holder – Mohammed Salam
Account Number – 368801000002302
IFSC Code – IOBA0003688
डिजिटल पेमेंट – PhonePe: +91 95499 70882
संपर्क नंबर – 09588948741, 07737164139
परिजन वसीम अकरम ने भावुक होते हुए बताया कि अब्दुल मुतलिफ और रेहान के लिए समय बेहद कम है। यदि तुरंत लिवर ट्रांसप्लांट नहीं हुआ तो दोनों मासूमों की जिंदगी खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों और आमजन से आगे आकर मदद करने की अपील की। आज बुधवार को परिवार बच्चों को लेकर चेन्नई रवाना हो गया है, ताकि समय रहते ऑपरेशन शुरू हो सके।