उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक़्फ़ बोर्ड के चेयरमैन अली ज़ैदी के खिलाफ मेरठ के कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र में गंभीर आरोपों में एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि उन्होंने और उनके साथियों ने नंगला ताशी गांव में वक़्फ़ बोर्ड की बड़ी संपत्ति के फ़र्ज़ी दस्तावेज़ तैयार कर अवैध हस्तांतरण और कब्जे की कोशिश की।
कंकरखेड़ा पुलिस थाने में 15 अप्रैल 2026 की रात 9:47 बजे यह मामला दर्ज हुआ। शिकायतकर्ता ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। शिकायत में नामजद आरोपी हैं, हिस्ट्रीशीटर जिया अब्बास, रोहताश पहलवान, रिफाकत अली गांधी, अशोक मारवाड़ी, शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड चेयरमैन अली ज़ैदी तथा अन्य।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन सभी ने मिलकर सुनियोजित साजिश रची। सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर कर फर्जी बैनामे तैयार किए गए और अधिकारियों की मिलीभगत से उन्हें वैध दिखाने का प्रयास किया गया। इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वक़्फ़ की संपत्ति का अवैध हस्तांतरण और कब्ज़ा करने की कोशिश की गई।
एफआईआर में जिया अब्बास के खिलाफ पहले से हत्या, लूट, धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज बनाने जैसे कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। उसे 2023 में हिस्ट्रीशीटर घोषित किया जा चुका है और गैंगस्टर एक्ट समेत अन्य धाराओं में कार्रवाई हो चुकी है।
शिकायतकर्ता ने आगे बताया कि ज़मीन विवाद को लेकर उन्हें और उनके परिवार को लगातार धमकियां दी जा रही हैं। आरोपी हथियारबंद साथियों के साथ घर के आसपास घूम रहे हैं और जमीन बेचने का दबाव बना रहे हैं।
एफआईआर में यह भी उल्लेख है कि जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी और राज्यपाल के आदेश के बावजूद वक्फ संपत्तियों के ट्रांसफर पर लगी रोक को आरोपी पक्ष ने नजरअंदाज कर दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इसकी जिम्मेदारी उपनिरीक्षक मनवेंद्र सिंह को सौंपी गई है।

















