वेस्ट बैंक के उत्तरी हिस्से में क़ल्कीलिया के पास स्थित जय्यूस कस्बे में 68 वर्षीय फ़लस्तीनी महिला सबरिया शमासनेह की मौत हो गई। यह घटना 7 अप्रैल 2026 की सुबह उस समय हुई, जब इज़राइली सेना ने उनके घर पर छापेमारी की।
परिवार के मुताबिक, सैनिकों ने पहले घर का गेट तोड़ा और फिर मुख्य दरवाज़ा तोड़कर अंदर घुस गए। उन्होंने पूरे परिवार को एक कमरे में इकट्ठा कर पूछताछ शुरू की। इस दौरान सबरिया घबरा गईं और अपने बेटे को पुकारने लगीं, उन्हें डर था कि कहीं उसे हिरासत में न ले लिया जाए।
परिजनों का आरोप है कि इसी दौरान सैनिकों ने उन्हें राइफल से धक्का दिया, जिससे वह गिर गईं और उनका सिर दीवार से टकरा गया। इसके बाद वह बेहोश हो गईं। उनके पति ने तुरंत मेडिकल मदद की मांग की, लेकिन आरोप है कि सैनिकों ने कोई सहायता नहीं दी और तलाशी जारी रखी।
छापेमारी खत्म होने के बाद परिवार उन्हें क़ल्कीलिया के दरविश नज्जाल सरकारी अस्पताल ले गया, लेकिन रास्ते में भारी सैन्य मौजूदगी के कारण देरी हुई। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मेडिकल सूत्रों के अनुसार, घटना के दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ा, जबकि फ़लस्तीनी रिपोर्ट्स में मारपीट से आई चोटों को भी मौत का कारण बताया गया है।
इसी छापेमारी के दौरान एक युवक भी घायल हुआ, जिसे मारपीट के चलते चोटें और फ्रैक्चर आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल के दिनों में इस इलाके में इज़राइली सैन्य कार्रवाई तेज हुई है, जिसमें घरों की तलाशी, तोड़फोड़ और गिरफ्तारियां बढ़ी हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले कुछ हफ्तों में कई फ़लस्तीनियों, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं, को हिरासत में लिया गया है। कुछ मामलों में मारे गए लोगों की माताओं को भी गिरफ्तार किया गया, जिसे स्थानीय लोग दबाव बनाने की रणनीति बता रहे हैं।
परिवार ने सबरिया के अंतिम संस्कार को फिलहाल टाल दिया है, क्योंकि उनकी बेटी जॉर्डन से आने वाली है। पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
इस घटना ने एक बार फिर वेस्ट बैंक में जारी तनाव और लगातार हो रही सैन्य कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, इज़राइली अधिकारियों की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
















